हर दिन सूरज के साथ एक आस इस दिल में उगती है,
की आज वो दिन है , जब वो दिखेगी
की आज वो दिन है, जब वो मिलेगी...
मैं नहीं जानता की वो कब मिलेगी..
पर ये आस सूरज के डूबने के साथ डूबती नहीं..
Monday, January 5, 2009
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
2 comments:
aas hai to saas hai :)
good one
ha ji ..
aur jab tak saas hai tab tak usse pane ki aas hai .
:)
Post a Comment